Śrīkoṣa
Chapter 3

Verse 3.18

न वै तत्र स निम्लोचः नोदियाय कदाचन ।देवास्तेनाहँ सत्येन मा ‘विराधिषि ब्रह्मणा ॥ इति ॥ २ ॥

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