Śrīkoṣa
Chapter 4

Verse 4.108

देवालयादिक निर्माणे
विशेषफलदाप्रोक्ता स्सत्यमेतद्विनिश्चयं।
यस्तुभक्त्याहरेर्गेहं राजाराष्ट्राभिवृद्धये।। 108