Śrīkoṣa
Chapter 14

Verse 14.78

तद् भङ्क्त्त्वा मूर्ध्नि कण्ठाङ्घ्रिजानुदेशे समं न्यसेत्।
जङ्घोरू द्विगुणौ कार्यौ बाहू चाजानुलम्बिनौ॥ 14.78 ॥