Śrīkoṣa
Chapter 12

Verse 12.28

पद्मोत्पलवनाकीर्णा तोयाढ्यैन्द्रोरप्लवा।
केतकीक्षुसमाकीर्णा सुपद्मा शान्तिदा मही॥ 12.28 ॥