Śrīkoṣa
Chapter 12

Verse 12.34

पीलुवेणुवनाकीर्णा स्नुहिश्लेष्मातकान्विता।
विभीतकार्कसङ्कीर्णा कठिना शर्करान्विता॥ 12.34 ॥